नायिका

Posted by Vishesh yadav at June 15, 2020

नव निहार अनामिका हो तुम मेरे दिल का चैन |

सुरसरि नीर कालिंदी का तीर ,

रजत रूपा कौमुदी का रूप ,

रसना भी न जाने तेरा स्वाद ,

अधम अंश भेड़े तेरा चिर ,

झलकी सुंदरता तेरी , तरस गए देवराज ,

की मार्तण्ड काटे तेरा चक्कर ,

शिकार करना छोड़ दिया वनराज ,

देख तेरी कंचन काया ,

तेरा सुरूर मुझ पर छाया ,

नायिका तू तेरी नायिका ,

सच में तू अमर लोक की नायिका ,


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